अमरावती. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा भ्रष्टाचार और भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कार्रवाई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) नीत केंद्र सरकार की शीर्ष प्राथमिकता रही है. श्री सत्यसाई जिले के पालसमुद्रम में राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर और नारकोटिक्स अकादमी (एनएसीआईएन) का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि करदाताओं के पैसे का उचित उपयोग किया जा रहा है और जो भी एकत्र किया गया है, उसे विभिन्न रूपों में लोगों को वापस किया जा रहा है.
उन्होंने यह भी दावा किया कि मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद वर्ष 2014 से इस देश के लोगों ने कर बचत के तहत लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये बचाए हैं और दस्तावेजों से 10 करोड़ फर्जी नाम हटा दिए गए हैं. मोदी ने कहा, ”पिछले 10 वर्षों में हमने गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाया हैङ्घ. पिछले 10 वर्षों में लगभग 10 करोड़ फर्जी नाम दस्तावेजों से बाहर किये गये हैं. आज दिल्ली (केंद्र) से भेजा गया हर पैसा उस लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचता है, जो उसका हकदार है. भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई और भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कार्रवाई सरकार की प्राथमिकता रही है.” मोदी ने आगे कहा कि पिछले 10 वर्षों के दौरान जीएसटी के कार्यान्वयन और आयकर प्रणाली को सरल बनाने जैसे कई कर सुधार लाए गए, जिसके परिणामस्वरूप रिकॉर्ड कर संग्रह हुआ.
मोदी ने कहा कि पिछले दस वर्षों के दौरान कर प्रणाली में कई सुधार लाए गए. उन्होंने कहा कि इसके पहले अलग-अलग कर प्रणालियां हुआ करती थीं, जिन्हें आम नागरिकों को समझना मुश्किल होता था. उन्होंने कहा कि पारर्दिशता की कमी के कारण ईमानदार करदाताओं और व्यापारियों को परेशानी हो रही थी. प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी (माल एवं सेवाकर) के रूप में देश को एक आधुनिक कर प्रणाली मिली. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने आयकर प्रणाली को भी सरल बनाया है.
देश में ‘फेसलेस टैक्स असेसमेंट’ प्रणाली शुरू होने की ओर इशारा करते हुए मोदी ने कहा कि इन सुधारों के कारण आज देश में रिकॉर्ड कर संग्रह देखने को मिल रहा है. ‘फेसलेस टैक्स असेसमेंट’ का मतलब आकलन की ऐसी व्यवस्था से है, जहां करदाता आयकर विभाग का दौरा नहीं करते हैं और किसी भी आयकर अधिकारी के आमने-सामने/सीधे संपर्क में नहीं आते हैं.
‘तिरुवल्लुवर दिवस’ को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने महान तमिल संत को उद्धृत किया और कर एकत्र करने में राजस्व अधिकारियों की भूमिका को रेखांकित किया जिससे लोकतंत्र में लोगों का कल्याण हुआ. इसके पहले दिन में प्रधानमंत्री मोदी ने श्री सत्यसाई जिले के लेपाक्षी में स्थित ऐतिहासिक वीरभद्र मंदिर में मंगलवार को पूजा-अर्चना की. जटायु की भूमिका के कारण इस मंदिर का राम कथा में विशेष महत्व है.
प्रधानमंत्री ने अयोध्या में भव्य राम जन्मभूमि मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से ठीक छह दिन पहले मंदिर में विशेष पूजा की. प्रधानमंत्री ने महाकाव्य रामायण पर आधारित एक कठपुतली शो भी देखा जिसमें राम, लक्ष्मण, सीता और रावण को दर्शाया गया.
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह अयोध्या स्थित राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा से पहले 11 दिवसीय विशेष अनुष्ठान कर रहे हैं और इस अवधि के दौरान मंदिर में आशीर्वाद पाने के लिए आभार व्यक्त किया. उन्होंने माना कि देश में राम भक्ति का माहौल व्याप्त है.
मोदी ने कहा कि भगवान राम सामाजिक जीवन में सुशासन की मिसाल हैं और वह एनएसीआईएन के लिए प्रेरणास्रोत हो सकते हैं, जिसकी भूमिका देश को एक आधुनिक पारिस्थितिकी तंत्र देने की है. प्रधानमंत्री ने कहा, “एनएसीआईएन की भूमिका देश को एक आधुनिक पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करने की है जो देश में व्यापार और व्यवसाय को आसान बनाएगा.” नीति आयोग द्वारा जारी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के प्रयासों से पिछले नौ वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है.