नयी दिल्ली. उत्तर दिल्ली की शकूर बस्ती विधानसभा सीट से भाजपा विधायक करनैल सिंह ने उनके क्षेत्र का नाम बदलकर ‘श्रीरामपुरम’ करने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है. करनैल सिंह ने कहा कि उन्होंने अब तक इस मांग के समर्थन में 60,000 से अधिक लोगों के हस्ताक्षर जुटा लिए हैं और उनका लक्ष्य एक लाख लोगों के हस्ताक्षर इकट्ठा करने का है.
उन्होंने कहा, ”शकूर बस्ती में लगभग 1.5 लाख मतदाता हैं, जिनमें से इस साल फरवरी में हुए विधानसभा चुनाव में करीब 99,000 लोगों ने मतदान किया था. मैं उन्हीं से समर्थन मांग रहा हूं.” पिछले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे और तीन बार विधायक रह चुके सत्येंद्र जैन को हराने वाले सिंह ने कहा कि शकूर बस्ती का नाम बदलने की यह मांग ”राजनीतिक” नहीं है.
सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”यह क्षेत्र के लोगों की मांग है. चुनाव के दौरान कई लोगों ने बताया था कि वे इस क्षेत्र का नाम बदलना चाहते हैं क्योंकि अब यह क्षेत्र सिर्फ छोटे घरों की बस्ती वाला नहीं बल्कि बहुमंजिला इमारतों वाला एक विकसित क्षेत्र बन चुका है.” विधानसभा चुनाव में 259 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के साथ सबसे अमीर प्रत्याशी रहे विधायक ने कहा कि यह पहल उनकी पार्टी की जानकारी में है.
सिंह ने कहा, ”क्षेत्र के कई लोगों, खासकर बुजुर्गों ने सुझाव दिया कि शकूर बस्ती का नाम बदलकर श्रीरामपुरम कर दिया जाए.” सिंह ने कहा कि श्रीरामपुरम नाम लोगों की भावनाओं के आधार पर सहज रूप से सामने आया. उन्होंने कहा, ”यह स्वाभाविक विकल्प है क्योंकि भगवान श्रीराम लोगों के हृदय में बसते हैं.” उन्होंने कहा कि जब एक लाख लोगों के हस्ताक्षर इकट्ठा हो जाएंगे, तब शकूर बस्ती का नाम बदलने का प्रस्ताव दिल्ली विधानसभा के अगले सत्र में पेश किया जाएगा.
सिंह ने कहा कि सरकार और पार्टी संगठन से भी इस मांग पर विचार करने का अनुरोध किया जाएगा. इससे पहले उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद का नाम बदलने की मांग भी वहां के विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने उठाई थी. भाजपा विधायक बिष्ट ने दावा किया था कि मुस्तफाबाद में हिंदू मतदाताओं की संख्या अधिक है और उसका नाम बदलकर शिव विहार या शिव पुरी रखा जाना चाहिए. हालांकि, बाद में यह प्रस्ताव स्थगित कर दिया गया था.