नयी दिल्ली/भुवनेश्वर. कांग्रेस ने ओडिशा के बालासोर में आत्मदाह करने वाली छात्रा की मौत के बाद मंगलवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ”सिस्टम” ने इस लड़की की हत्या की है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस विषय पर चुप्पी नहीं साधनी चाहिए, बल्कि जवाब देना चाहिए.
एक शिक्षक द्वारा कथित तौर पर ”यौन उत्पीड़न” किए जाने के मामले में न्याय न मिलने पर आत्मदाह करने वाली छात्रा ने तीन दिन तक जिंदगी और मौत से लड़ने के बाद भुवनेश्वर स्थित अखिल भारतीय आयुर्वज्ञिान संस्थान (एम्स) में सोमवार रात दम तोड़ दिया.
वह बालासोर के फकीर मोहन (स्वायत्त) महाविद्यालय की एकीकृत बीएड पाठ्यक्रम की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी. शिक्षक के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से आहत छात्रा ने शनिवार को यह कदम उठाया और वह 95 प्रतिशत तक झुलस गई थी.
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया, ”ओडिशा में इंसाफ के लिए लड़ती एक बेटी की मौत, सीधे-सीधे भाजपा के सिस्टम द्वारा की गई हत्या है. उस बहादुर छात्रा ने यौन शोषण के खिलाफ आवाज उठाई, लेकिन न्याय देने के बजाय उसे धमकाया गया, प्रताड़ित किया गया, बार-बार अपमानित किया गया.” उन्होंने कहा, ”जिन्हें उसकी रक्षा करनी थी, वही उसे तोड़ते रहे. हर बार की तरह भाजपा का सिस्टम आरोपियों को बचाता रहा और एक मासूम बेटी को खुद को आग लगाने पर मजबूर कर दिया.” राहुल गांधी ने दावा किया कि ये आत्महत्या नहीं, ‘सिस्टम’ द्वारा संगठित हत्या है.
उन्होंने कहा, ”मोदी जी, ओडिशा हो या मणिपुर – देश की बेटियां जल रही हैं, टूट रही हैं, दम तोड़ रही हैं. और आप खामोश बने बैठे हैं.” राहुल गांधी ने कहा, ”देश को आपकी चुप्पी नहीं, जवाब चाहिए. भारत की बेटियों को सुरक्षा और इंसाफ चाहिए.” कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”ओडिशा में एक और बेटी न्याय के लिए लड़ते हुए हार गई. अपने साथ हुए अत्याचार को लेकर उसने आवाज उठाई, लेकिन न्याय मिलने की जगह मिला अपमान और प्रताड़ना. इस दोहरे अत्याचार ने उसे ख.ुदकुशी के लिए मजबूर कर दिया.”
उन्होंने सवाल किया कि क्या दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक, मणिपुर से लेकर ओडिशा तक, भाजपा का एक ही कायदा है कि आरोपी के साथ खड़े होकर पीड़िता को ही प्रताड़ित करना और न्याय को बाधित कर देना? प्रियंका गांधी ने कहा, ”प्रधानमंत्री जी, क्या अब देश की आधी आबादी को न्याय की कोई भी उम्मीद छोड़ देनी चाहिए?” कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भाजपा सरकार से न्याय की उम्मीद छोड़ चुकी ओडिशा की बेटी ने इस दुनिया को भी छोड़ दिया.
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”सिर्फ 20 साल की उम्र… क्या गुजरी होगी उस बच्ची पर, ये सोचकर ही रूह कांप जाती है. उसने अपने ही कैंपस में खुद को कितना बेबस पाया होगा. भाजपा के सड़ चुके तंत्र ने उसे इस कदर तोड़ दिया कि उसने खुद को आग के हवाले कर देने जैसा दर्दनाक कदम उठाया. उसने मदद की गुहार हर जगह लगाई, कॉलेज के प्राचार्य से लेकर सांसद और मुख्यमंत्री तक. लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई.” उन्होंने आरोप लगाया कि अपराध की शिकार महिलाओं की भाजपा सरकार में कोई सुनवाई नहीं हो रही.
एक ‘नाकाम सिस्टम’ भी जान ले सकता है : छात्रा की मौत पर बोले नवीन पटनायक
ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने मंगलवार को कहा कि एक शिक्षक द्वारा कथित यौन उत्पीड़न किए जाने के बाद खुद को आग लगाने वाली कॉलेज छात्रा की मौत ”सिस्टम की नाकामी” के कारण हुई. कॉलेज छात्रा की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए, पटनायक ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ”यह सोचकर और भी दुख होता है कि कैसे एक नाकाम सिस्टम किसी की जान ले सकता है. सबसे पीड़ादायक बात यह है कि यह कोई हादसा नहीं था, बल्कि एक ऐसे सिस्टम का नतीजा था जो मदद करने के बजाय खामोश बना रहा. न्याय के लिए लड़ते-लड़ते आखिरकार उस लड़की ने अपनी आंखें हमेशा के लिए बंद कर लीं.” पटनायक ने कहा कि बड़ी हिम्मत के साथ, छात्रा ने कॉलेज के प्राचार्य को पत्र लिखकर अपने साथ हुए ”यौन उत्पीड़न” के बारे में बताया था.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ”कॉलेज प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाए जाने के बाद भी उसने हार नहीं मानी. न्याय के लिए उसने उच्च शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री कार्यालय और यहां तक कि एक केंद्रीय मंत्री से भी संपर्क किया.” उन्होंने कहा कि बहादुर छात्रा ने बालासोर के सांसद से मिलकर अपनी पीड़ा साझा की.
पटनायक ने कहा, ”अगर किसी एक व्यक्ति ने भी जिम्मेदारी ली होती और व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया होता तो शायद उस लड़की की जान बचाई जा सकती थी. उसकी जान सिर्फ शारीरिक आघात के कारण नहीं, बल्कि राज्य सरकार की लापरवाही के कारण भी गई जिसने उसकी लड़ाई में उसे अकेला छोड़ दिया.” बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष ने कहा, ”पूरे घटनाक्रम से पता चलता है कि यह संस्थागत विश्वासघात से कम नहीं है-एक सुनियोजित अन्याय. मैं एक बार फिर माननीय राज्यपाल से आग्रह करता हूं कि वे यह सुनिश्चित करें कि न केवल कॉलेज प्रशासन, बल्कि सत्ता में बैठे लोग भी जवाबदेह ठहराए जाएं जिन्होंने छात्रा की गुहार के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की.”
पटनायक ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ”ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे. मैं एक बार फिर भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं कि वे परिवार के सदस्यों को इस अपार दु?ख का सामना करने की शक्ति और साहस प्रदान करें. ओम शांति.” एक शिक्षक द्वारा कथित तौर पर ”यौन उत्पीड़न” किए जाने के मामले में न्याय न मिलने पर खुद को आग लगाने वाली छात्रा ने तीन दिन तक जिंदगी और मौत से लड़ने के बाद भुवनेश्वर स्थित अखिल भारतीय आयुर्वज्ञिान संस्थान (एम्स) में सोमवार रात दम तोड़ दिया.
वह बालासोर के फकीर मोहन (स्वायत्त) महाविद्यालय में एकीकृत बीएड पाठ्यक्रम की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी. यौन उत्पीड़न के आरोपी शिक्षक के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से आहत छात्रा ने शनिवार को यह कदम उठाया और वह 95 प्रतिशत तक झुलस गई थी.