किसान चाहें तो सरकार बदल सकते हैं: के. चंद्रशेखर राव

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 22 May 2022 09:12 PM
किसान चाहें तो सरकार बदल सकते हैं: के. चंद्रशेखर राव

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चंडीगढ़/नयी दिल्ली. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने रविवार को यहां कहा कि किसान चाहें तो सरकार बदल सकते हैं और उन्हें तब तक संघर्ष करते रहना चाहिए जब तक उन्हें उनकी फसलों के लाभकारी मूल्यों की संवैधानिक गारंटी नहीं मिल जाती. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने केंद्र के निरस्त किए जा चुके कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि भी दी.

राव ने साल भर चले आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि वह किसानों को उनके धैर्य और दृढ़ संकल्प के लिए नमन करते हैं. उन्होंने कहा, ”किसान चाहें तो सरकार बदल सकते हैं. यह कोई बड़ी बात नहीं है. किसानों को सही दाम और इसकी संवैधानिक गारंटी मिलने तक आंदोलन जारी रखना चाहिए.” तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब के योगदान और कृषि क्षेत्र में हरित क्रांति लाने की भी सराहना की. राव ने कहा, ”पंजाब एक महान राज्य है.” राव के साथ दिल्ली के उनके समकक्ष अरंिवद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी थे.

राव यहां केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिजनों को वित्तीय सहायता के रूप में 3-3 लाख रुपये वितरित करने आए थे. दिल्ली की सीमाओं पर चले आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की मौत हो गई थी. उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि उनका अगला आंदोलन पूरे देश में होना चाहिए. कई राज्यों का दौरा कर रहे राव ने कहा, ”उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के किसानों को एक साथ लड़ना चाहिए.” उन्होंने शनिवार को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की और रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल के साथ दोपहर का भोजन किया. केसीआर के नाम से मशहूर राव आने वाले दिनों में बिहार और पश्चिम बंगाल का दौरा करने वाले हैं.

चंडीगढ़ में उनके साथ मंच पर केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और किसान नेता राकेश टिकैत भी मौजूद थे. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का नाम लिए बिना राव ने कहा कि अगर कोई राज्य या मुख्यमंत्री किसानों के लिए कुछ करता है तो उसे यह पसंद नहीं आता. उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की मूंग पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की घोषणा भी उन्हें पसंद नहीं आई.

राव ने कहा, ”हम खेतों में कड़ी मेहनत करके देश को खाना देते हैं. हमारे साथ न्याय होना चाहिए. ऐसी दर्दनाक स्थिति नहीं होनी चाहिए.” तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने कहा, ”अगर कोई राज्य या मुख्यमंत्री किसानों के कल्याण के लिए कुछ भी करता है, तो उन्हें यह पसंद नहीं आता. वे आप पर दबाव डालना शुरू कर देते हैं.” केंद्रीय कानूनों के खिलाफ आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को खालिस्तानी और देशद्रोही कहा गया.

राव ने कहा कि ऐसी कई समस्याएं हैं जिनके लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ता है, मरना पड़ता है और अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ती है. उन्होंने कहा, ”समस्याएं हर देश में होती हैं. हमारे देश में जिस तरह की समस्याएं हैं, वैसी कहीं नहीं हैं.”

केजरीवाल व केसीआर ने देश की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की

दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक अरंिवद केजरीवाल ने रविवार को तेलंगाना के अपने समकक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) से यहां अपने आवास पर मुलाकात की. सूत्रों ने बताया कि इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने वर्तमान राजनीतिक और संघीय मुद्दों सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की.

दो क्षेत्रीय संगठनों – आम आदमी पार्टी और तेलंगाना राष्ट्र समिति के प्रमुख केजरीवाल और राव के बीच बैठक भाजपा को चुनौती देने के लिए 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरण बनाने के मद्देनजर महत्वपूर्ण है. दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने बताया कि दोनों मुख्यमंत्रियों ने एक साथ दोपहर का भोजन किया और देश में मौजूदा राजनीतिक स्थिति सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. बाद में, वे चंडीगढ़ रवाना हो गए.

दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘‘माननीय मुख्यमंत्री श्री अरंिवद केजरीवाल ने आज अपने आवास पर तेलंगाना के माननीय मुख्यमंत्री श्री के. चंद्रशेखर राव के लिए दोपहर भोज की मेजबानी की.’’ बैठक में तेलंगाना के मंत्री वी प्रशांत रेड्डी और सांसद- जोगिनपल्ली संतोष कुमार, एन. नागेश्वर राव, रंजीत रेड्डी और वेंकटेश भी शामिल थे. आप के राज्यसभा सांसद संजय ंिसह भी इस दौरान मौजूद थे.

By Yogesh Kumar Sahu