पाकिस्तान में फंसे किसान की वापसी को लेकर हरसिमरत कौर ने विदेश मंत्री से की अपील

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 07 Jul 2025 07:36 PM
पाकिस्तान में फंसे किसान की वापसी को लेकर हरसिमरत कौर ने विदेश मंत्री से की अपील
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चंडीगढ़. शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने सोमवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अनुरोध किया कि वह पंजाब के 23-वर्षीय उस किसान की पाकिस्तान से सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करायें, जो 21 जून को अनजाने में सीमा पार कर गया था.

फिरोजपुर जिले के ‘खैरे के उत्तर’ गांव निवासी अमृतपाल सिंह 21 जून को भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित अपने खेत की देखरेख के लिए गया था, जो कंटीले तारबंदी के पार स्थित है. यह क्षेत्र सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की निगरानी में आता है. अमृतपाल शाम पांच बजे सुरक्षा गेट बंद होने से पहले वापस नहीं लौट सका. अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में बीएसएफ ने पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ तीन से चार फ्लैग बैठक की, लेकिन शुरुआत में रेंजर्स ने किसी अनजान व्यक्ति को देखने से इनकार कर दिया. बाद में, 27 जून को पाकिस्तानी रेंजर्स ने पुष्टि की कि अमृतपाल वहां की स्थानीय पुलिस की हिरासत में है.

हरसिमरत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने विदेश मंत्री से आग्रह किया है कि इस मामले में पाकिस्तान की संबंधित एजेंसियों के साथ राजनयिक स्तर पर संवाद स्थापित कर अमृतपाल की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित की जाए. शिअद सांसद ने कहा, ”मैंने मंत्री को अवगत कराया है कि यह घटना अमृतपाल के मानसिक तनाव और भावनात्मक अस्थिरता के कारण हुई. साथ ही, उनसे अनुरोध किया है कि अमृतपाल और उसके परिवार को इस कठिन समय में कानूनी सहायता प्रदान की जाए.” हरसिमरत ने विदेश मंत्री को लिखा एक पत्र भी अपने पोस्ट के साथ साझा किया.

उन्होंने अपने पत्र में लिखा है, ”मानसिक रूप से परेशान अमृतपाल 21 जून को कृषि कार्य के लिए खेत पर गया था, जो भारत की सीमा में तो है, लेकिन तारबंदी के बाद तक फैला है. यह किसानों के लिए भ्रम की स्थिति पैदा करता है.” उन्होंने लिखा, ”(खराब) मानसिक स्थिति के कारण वह गलती से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर गया और पाकिस्तानी अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया. नवीनतम जानकारी के अनुसार, वह पाकिस्तान के पंजाब पुलिस की निगरानी में एक जेल में है.” हरसिमरत ने कहा कि खासकर अमृतपाल की मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसकी गिरफ्तारी ने परिवार और स्थानीय समुदाय को गहरा आघात पहुंचाया है.

उन्होंने कहा, ”यह जानबूझकर सीमा पार करने की घटना नहीं थी, बल्कि मानसिक अस्थिरता के कारण हुई एक भूल थी, जिसकी पुष्टि परिवार और स्थानीय अधिकारियों ने भी की है. ऐसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल और पूर्ववर्ती उदाहरणों के अनुसार मानवीय दृष्टिकोण से राजनयिक समाधान की आवश्यकता होती है.” अमृतपाल के पिता जुगराज सिंह ने भी शनिवार को विदेश मंत्रालय से अपील की थी कि उनके बेटे की भारत वापसी जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए.

अमृतपाल विवाहित है और उसकी तीन महीने की एक बेटी है. वह कुल 8.5 एकड़ भूमि का मालिक है. उसकी भूमि तारबंदी के पार भारतीय सीमा में स्थित है. जुगराज सिंह के अनुसार, अमृतपाल 21 जून की दोपहर मोटरसाइकिल से खेत पर गया था, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा. बीएसएफ ने सूर्यास्त से पहले जांच गेट दोबारा खोला, लेकिन वह नहीं मिला. र्गिमयों के दौरान बीएसएफ की निगरानी में किसानों को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक तारबंदी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के बीच की भूमि तक पहुंच की अनुमति होती है.

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