
बेरूत. लेबनान के चरमपंथी समूह ‘हिजबुल्ला’ ने नईम कासिम को अपना नया नेता चुना है, जो पिछले महीने के अंत में एक इजराइली हवाई हमले में मारे गए हसन नसरल्ला की जगह लेगा. हिजबुल्ला ने यह जानकारी दी. कासिम लंबे समय से नसरल्ला का सहायक था और उसकी मौत के बाद से वह इस चरमपंथी समूह के कार्यवाहक नेता के रूप में काम कर रहा है.
समूह ने एक बयान में बताया कि हिजबुल्ला की निर्णय लेने वाली ‘शूरा परिषद’ ने तीन दशक से अधिक समय तक नसरल्ला के सहायक रहे कासिम (71) को नया नेता चुना है. हिजबुल्ला ने नसरल्ला की नीतियों को तब तक जारी रखने का संकल्प लिया है, ”जब तक जीत हासिल नहीं हो जाती.” इजराइली हमले के दौरान नसरल्ला की मौत के बाद सफेद पगड़ी पहना भूरी दाढ़ी वाला मौलवी कासिम अक्सर लेबनानी आतंकवादी समूह का सार्वजनिक चेहरा रहा है. कासिम हिजबुल्ला के संस्थापक सदस्यों में से एक है, लेकिन समर्थकों का मानना है कि उसमें (कासिम) न तो नसरल्ला सरीखा करिश्मा है और न ही उसके जैसे भाषण देने का कौशल.
इस महीने की शुरुआत में एक टेलीविजन संबोधन में, कासिम ने दावा किया था कि नसरल्ला की हत्या के बाद भी हिजबुल्ला की सैन्य क्षमताएं बरकरार हैं. कासिम ने इजराइलियों को चेतावनी दी थी कि लड़ाई जारी रहने पर उन्हें और नुकसान होगा. अमेरिका ने कासिम पर प्रतिबंध लगाया है. अमेरिका हिजबुल्लाह को एक आतंकवादी समूह मानता है.
कासिम की नियुक्ति कोई आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि वह 32 वर्षों तक नसरल्ला के डिप्टी के रूप में काम कर चुका है और लंबे समय से हिजबुल्लाह का सार्वजनिक चेहरा भी रहा है, जो स्थानीय और विदेशी मीडिया संगठनों को साक्षात्कार देता आया है. हिजबुल्ला के करीबी लेबनानी विश्लेषक कासिम कासिर ने कहा, ”यह लेबनान और विदेश के लिए एक संदेश है कि हिजबुल्ला ने खुद को पुनर्गठित किया है.” कासिर ने कहा कि कासिम की नियुक्ति से पता चलता है कि हिजबुल्ला खुद ही अपना संचालन कर रहा है और जैसा कि कुछ लोगों ने बताया है, ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के सलाहकार अब समूह के प्रभारी नहीं हैं.



