अमृतसर/हिसार/मुजफ्फरनगर/बागपत/मेरठ. न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी समेत विभिन्न मांगों को स्वीकार करने को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के ‘भारत बंद’ आह्वान के मद्देनजर शुक्रवार को पंजाब में सड़कों से बसें नदारद रहीं, जिसके चलते यात्रियों को काफी असुविधा हुई.
राज्य में कई स्थानों पर बाजार और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान भी बंद रहे. किसानों ने कई स्थानों पर प्रदर्शन किया और पठानकोट, तरनतारन, बठिंडा और जालंधर में राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया. उन्होंने उनकी मांगें नहीं मानने के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
हरियाणा के हिसार में, हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों ने ‘भारत बंद’ का समर्थन किया, जिसके चलते बस सेवाएं ठप रहीं. भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के सदस्यों ने हरियाणा के कई टोल प्लाजा पर धरना दिया और अधिकारियों पर यात्रियों से टोल टैक्स न वसूलने के लिए दबाव डाला.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन किये गये. भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) नेता राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर में दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर बागोवाली क्रॉसिंग पर किये गये विरोध प्रदर्शन में भाग लिया. भाकियू नेता राकेश टिकैत ने संवाददाताओं से कहा, ”हम स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने, ऋण माफी आदि मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.” दिल्ली कूच की योजना को लेकर पूछे गये सवाल पर टिकैत ने कहा, ” शनिवार को सिसौली (मुजफ्फरनगर) में एक बैठक की जाएगी, जहां भविष्य की रणनीति की योजना बनाई जाएगी.” भाकियू सदस्यों ने बिजनौर में कुछ गन्ने के वजन मापने वाले केंद्रों पर कामकाज को रुकवा दिया.
बागपत में भाकियू सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया. भाकियू के जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर ने कहा, ”बंद के समर्थन में वंदना चौक पर प्रतीकात्मक विरोध का आह्वान किया गया था. किसानों ने आह्वान का समर्थन किया और वे गन्ना खरीद केंद्रों पर नहीं गए.” शाहजहांपुर, बदायूं और मेरठ में बंद का कोई असर नहीं दिखा.
भाकियू (राजेवाल), भाकियू (दकुंडा), भाकियू (लाखोवाल), भाकियू (कादियान) और कीर्ति किसान यूनियन सहित कई किसान संगठन बंद में हिस्सा ले रहे हैं. पंजाब रोडवेज, पनबस और ‘पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन’ भी संयुक्त किसान मोर्चा के बंद के आह्वान का समर्थन कर रहे हैं. वे केंद्र के प्रस्तावित ”हिट-एंड-रन” कानून का विरोध कर रहे हैं. निजी बस संचालक भी अपनी सेवा नहीं दे रहे हैं.
कई बस अड्डों पर यात्री अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए बसों का इंतजार करते दिखे. बसों की अनुपलब्धता के कारण मुख्य रूप से छात्रों और कार्यालय जाने वालों को असुविधा हुई. पटियाला बस स्टैंड पर कॉलेज छात्रों ने कहा कि उसे लांडरां रोड जाने के लिए कोई बस नहीं मिली. एक सरकारी कर्मचारी ने कहा कि उसे काम के लिए मोहाली जाना था लेकिन कोई बस उपलब्ध नहीं है. अमृतसर बस स्टैंड पर जालंधर जाने के लिए खड़ी एक महिला यात्री ने कहा कि वह 30 मिनट से अधिक समय से बस का इंतजार कर रही है.
जीरा की रहने वाली सतबीर कौर (32) ने कहा कि वह बंद के कारण अपने कार्यालय नहीं जा सकीं. उन्होंने कहा, ”मैं हर दिन जीरा से फिरोजपुर तक यात्रा करती हूं लेकिन आज कोई बस उपलब्ध नहीं थी इसलिए मुझे छुट्टी लेनी पड़ी.” फिरोजपुर में अधिकतर शैक्षणिक संस्थान एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे और बाजार सुनसान दिखे.
प्रदर्शनकारी किसानों ने फिरोजपुर-फाजिल्का रोड पर स्थित गोलू का मौर गांव, मक्खू क्षेत्र में एनएच-54 पर बंगाली वाला पुल और तलवंडी भाई अंडरब्रिज समेत विभिन्न स्थानों पर सड़कें अवरुद्ध कर दीं. सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक पसरीचा ने कहा कि व्यापारियों को इस महत्वपूर्ण समय में किसानों का समर्थन करना चाहिए क्योंकि अधिकांश व्यवसाय किसानों पर निर्भर है.
उन्होंने कहा, ” किसानों के समर्थन में आज सभी दुकानें बंद हैं.” मान्यता प्राप्त एवं संबद्ध स्कूल एसोसिएशन (आरएएसए) के अध्यक्ष नरिंदर सिंह केसर ने कहा कि स्कूल बंद हैं और केवल वार्षिक परीक्षा दे रहे कक्षा 10 और 12 के छात्र स्कूल आ रहे हैं. भाकियू (राजेवाल) के जिला अध्यक्ष हरबंस सिंह ने कहा कि किसानों का इरादा किसी को परेशान करना नहीं है.
उन्होंने कहा, ”हम अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं.” लुधियाना में, समराला और खन्ना जगराओं में बस स्टैंड खाली दिखायी दिए. भाकियू (राजेवाल) के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने समराला में टोल प्लाजा पर धरना दिया. अमृतसर में, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थान बंद रहे क्योंकि शीर्ष गुरुद्वारा निकाय ने बंद के आह्वान का समर्थन किया. कई दुकानें भी बंद रहीं. होशियारपुर और कपूरथला में भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे. कपूरथला में आंदोलनरत किसानों ने डीसी चौक पर बीच सड़क पर धरना दिया और यातायात बाधित कर दिया.
फगवाड़ा में किसानों के एक समूह ने दुकानदारों से किसानों की मांगों के समर्थन में अपनी दुकानें बंद करने की अपील की. बैंक, शैक्षणिक संस्थान, फार्मेसी, सरकारी और निजी अस्पताल और र्निसंग होम सेवाएं सामान्य दिनों की तरह जारी हैं. फगवाड़ा की पुलिस अधीक्षक रूपिंदर कौर भट्टी ने कहा कि जिले में स्थिति शांतिपूर्ण है. हिसार में हरियाणा रोडवेज की सेवाएं ठप रहीं क्योंकि उसके कर्मचारियों ने बंद के आह्वान का समर्थन किया. बंद के आह्वान का कुरूक्षेत्र में कोई असर नहीं हुआ. दुकानें और बाजार खुले रहे और बसों का संचालन भी जारी रहा.
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बंद के समर्थन में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक विरोध प्रदर्शन में भाग लिया.
एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी के अलावा, किसान कृषकों के कल्याण के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन तथा कर्ज माफी, लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए ”न्याय”, भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को बहाल करने और पिछले आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा देने की भी मांग कर रहे हैं.
सिसौली की ‘मासिक पंचायत’ में आगे की रणनीति तय करेंगे : किसान नेता राकेश टिकैत
किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) द्वारा दिए गए ‘भारत बंद’ के आह्वान पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में भाग लिया. उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर के सिसौली में शनिवार को आयोजित एक मासिक पंचायत में आगे की रणनीति तय की जाएगी.
टिकैत ने ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में कहा, ह्लहम फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट को लागू करने, किसानों की कर्ज माफी आदि मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.ह्व यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी दिल्ली जाने की कोई योजना है, टिकैत ने कहा, “शनिवार को सिसौली (मुजफ्फरनगर) में एक मासिक पंचायत है, उसमें आगे की रणनीति तय करेंगे.” टिकैत ने दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर बागोंवाली चौराहे पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में भाग लिया. जिले में 10 स्थानों पर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के विभिन्न गुटों के समर्थकों ने धरना दिया.
बिजनौर में, भाकियू ने विरोध प्रदर्शन के तहत कुछ गन्ना तौल केंद्रों पर काम बंद कर दिया. भाकियू के जिला अध्यक्ष सोनू चौधरी ने कहा कि “जिले में गन्ना तौल और खरीद केंद्र आज बंद रहे. व्यापारियों ने भी बंद के समर्थन में अपनी दुकानें बंद रखीं.” बागपत में भाकियू कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया. बागपत भाकियू जिला इकाई के अध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर ने कहा कि ”वंदना चौक पर बंद के समर्थन में प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया.”
उन्होंने कहा, “किसानों ने भी आह्वान का समर्थन किया और वे गन्ना खरीद केंद्रों पर नहीं गए.” शाहजहांपुर जिले में बंद का कोई खास असर नहीं रहा. कुछ भाकियू कार्यकर्ताओं ने खुटार-पूरनपुर रोड पर एक टोल बूथ पर कुछ देर के लिए विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने कहा कि “प्रदर्शन के कारण कोई यातायात बाधित नहीं हुआ. जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है.” ऐसी ही प्रतिक्रिया बदायूं में भी देखने को मिली. भाकियू जिलाध्यक्ष राजेश सक्सेना ने कहा, “बंद का आह्वान किसान नेताओं ने किया था, लेकिन हमें शहरी क्षेत्र के व्यापारियों से पर्याप्त समर्थन नहीं मिला. दूसरी ओर, ग्रामीण इलाकों में लोग बंद का समर्थन करते हैं.”
मेरठ जिले के शहरी क्षेत्र में बंद का असर न के बराबर रहा. भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा, ”ग्रामीणों ने गांवों में बंद के समर्थन में काम नहीं किया.” संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है. भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल), भारतीय किसान यूनियन (दकुंडा), भारतीय किसान यूनियन (लाखोवाल), भारतीय किसान यूनियन (कादियान) और कीर्ति किसान यूनियन समेत कई किसान संगठन बंद में हिस्सा ले रहे हैं.