जिनेवा/बेरूत. इजराइली सेना और फलस्तीनी उग्रवादियों ने इजराइल-हमास युद्ध के पहले महीनों के दौरान यौन और लिंग आधारित हिंसा की. यह बात संयुक्त राष्ट्र सर्मिथत मानवाधिकार विशेषज्ञों ने बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में कही है. स्वतंत्र विशेषज्ञों ने ज्यादातर मीडिया में आई घटनाओं का तारीखवार विवरण देते हुए कहा कि इजराइली सेना और फलस्तीनी उग्रवादियों ने युद्ध अपराध किए, जबकि इजराइल ने मानवता के विरुद्ध भी अपराध किए हैं.
इजराइल ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. उसने संस्था के साथ सहयोग करने से इनकार कर दिया था और उस पर पक्षपात का आरोप लगाया था. रिपोर्ट में सात अक्टूबर की हिंसा और पिछले साल के अंत के बीच के समय को शामिल किया गया है. इसमें संघर्ष के दौरान दोनों पक्षों द्वारा अधिकारों के कथित उल्लंघन और अपराधों की एक विस्तृत श्रृंखला को सामने रखा गया है.
इसमें कहा गया है कि इजराइली सुरक्षा बलों ने जबरन भूख से मारना, हत्या या जानबूझकर हत्या, सामूहिक दंड और नागरिकों पर जानबूझकर हमले जैसे कृत्य किए हैं और हमास और अन्य सशस्त्र फलस्तीनी समूहों की सैन्य शाखाओं ने हत्याएं तथा नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार किया है और बंधक बनाए हैं. संयुक्त राष्ट्र सर्मिथत मानवाधिकार परिषद द्वारा 2021 में विशेषज्ञ समिति को इजराइल और उसके नियंत्रण वाले फलस्तीनी क्षेत्रों में अधिकारों के उल्लंघन और दुर्व्यवहारों की जांच करने के लिए नियुक्त किया गया था.
गाजा में संघर्ष विराम योजना में हमास के कुछ प्रस्तावित बदलाव व्यावहारिक, कुछ नहीं : ब्लिंकन
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बुधवार को कहा कि गाजा में युद्ध जारी रहेगा, क्योंकि हमास ने अमेरिका सर्मिथत संघर्ष विराम योजना में ह्लकईह्व बदलावों का प्रस्ताव दिया है. उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ ह्लव्यावहारिकह्व हैं और कुछ नहीं. उन्होंने यह नहीं बताया कि ये बदलाव क्या थे. कतर में पत्रकारों से बात करते हुए ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका और अन्य मध्यस्थ ह्लइस समझौते की कोशिशह्व करते रहेंगे.
ब्लिंकन वैश्विक समर्थन के साथ संघर्ष विराम प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए इस क्षेत्र में हैं. प्रस्ताव को इजराइल या हमास ने पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया है. उग्रवादी समूह ने मंगलवार देर रात अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया में समझौते में ह्लसंशोधनह्व का अनुरोध किया गया. अमेरिकी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब लेबनान के हिजबुल्लाह ने अपने एक शीर्ष कमांडर की हत्या का बदला लेने के लिए उत्तरी इजराइल में बड़ी संख्या में रॉकेट दागे हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है.
इजराइल-हमास संघर्ष शुरू होने के करीब आठ महीने के दौरान ईरान सर्मिथत हिजबुल्लाह ने लगभग रोज इजराइल पर रॉकेट दागे हैं और उसका कहना है कि वह तभी रुकेगा जब गाजा में संघर्ष विराम होगा. इससे और भी अधिक विनाशकारी क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका पैदा हो गई है.