पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज ने बिजली गुल होने के लिए राष्ट्र से माफी मांगी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 24 Jan 2023 07:52 PM
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रीय ग्रिड में गड़बड़ी के कारण देशभर में बिजली गुल हो जाने और इस कारण लाखों लोगों को हुई परेशानी को लेकर मंगलवार को राष्ट्र से माफी मांगी. उन्होंने पिछले करीब चार महीने में सोमवार को हुई इस तरह की दूसरी घटना की जिम्मेदारी तय करने का संकल्प लिया.

पाकिस्तान में राष्ट्रीय ग्रिड में ‘वोल्टेज’ में उतार-चढ़ाव होने के चलते बिजली गुल हो गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया और राजधानी इस्लामाबाद तथा वित्तीय केंद्र कराची सहित देश के बड़े हिस्से में अंधेरा छा गया. प्रधानमंत्री शहबाज ने एक ट्वीट में कहा,‘‘कल बिजली गुल होने के चलते हमारे नागरिकों को हुई असुविधा के लिए अपनी सरकार की ओर से मैं गहरा खेद व्यक्त करता हूं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘बिजली गुल होने के कारणों का पता लगाने के लिए मेरे आदेश पर एक जांच जारी है. जिम्मेदारी तय की जाएगी.’’ पाकिस्तान में बिजली आपूर्ति लगभग बहाल कर दी गई है, हालांकि मंगलवार को भी देश के कुछ हिस्सों में बिजली नहीं रही.

ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने मंगलवार को कहा कि देश भर में ग्रिड स्टेशनों में बिजली पूरी तरह से बहाल कर दी गई है. दस्तगीर ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘राष्ट्रीय ग्रिड के सभी 1,112 स्टेशनों में बिजली बहाल कर दी गई है.’’ शहबाज ने इस गड़बड़ी के कारणों का पता लगाने के लिए तीन सदस्यीय एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आदेश दिया है.

पाकिस्तान में बिजली आपूर्ति बहाल
पाकिस्तान में मंगलवार को राजधानी इस्लामाबाद सहित अन्य हिस्सों में बिजली आपूर्ति धीरे-धीरे बहाल कर दी गई. ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘‘आज (मंगलवार) सुबह 5.15 बजे देशभर में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बहाल कर दी गई.’’ हालांकि, समाचार पत्र ‘डॉन’ की खबर के मुताबिक, कराची, क्वेटा और लाहौर जैसे प्रमुख शहरों को अभी भी बिजली नसीब नहीं हो पाई है.

पाकिस्तान में सोमवार को राष्ट्रीय ग्रिड में खराबी के कारण बड़े पैमाने पर बत्ती गुल हो गई थी, जिससे राजधानी इस्लामाबाद और वित्तीय हब कराची समेत मुल्क के बड़े हिस्से में लाखों लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए थे. पिछले लगभग चार महीने में यह इस तरह की दूसरी घटना थी. दस्तगीर ने कहा कि कोयला आधारित संयंत्रों में लगभग 6,600 मेगावॉट और परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में तकरीबन 3,500 मेगावॉट बिजली का उत्पादन अगले 48 से 72 घंटों में बहाल हो जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘‘जब तक ये संयंत्र दोबारा काम करना शुरू नहीं कर देते, तब तक उपभोक्ताओं को सीमित कटौती का सामना करना पड़ेगा, जिसमें उद्योग भी शामिल हैं.’’ दस्तगीर ने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘हम लोगों द्वारा चुकाए जाने वाले बिजली के बिलों पर ध्यान देते हैं और कोशिश करते हैं कि अनावश्यक रूप से उन बिजली संयंत्रों का इस्तेमाल न किया जाए, जिनके संचालन के लिए बहुत अधिक ईंधन की जरूरत पड़ती है.’’ दस्तगीर के मुताबिक, राष्ट्रीय ग्रिड में फ्रीक्वेंसी में उतार-चढ़ाव के बाद बिजली आपूर्ति में व्यवधान शुरू हो गया था, जिसके चलते लगभग पूरे देश में बड़े पैमाने पर बत्ती गुल हो गई.

उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने सोमवार को ही बिजली आपूर्ति बहाल करने की कवायद शुरू कर दी थी और वे अंतत: मंगलवार सुबह तक इसमें कामयाब रहे. इस बीच, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रीय स्तर पर बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है. पाकिस्तान लगातार कम होते विदेशी मुद्रा भंडार के बीच हाल के वर्षों में दुनिया के सबसे खराब वित्तीय संकट का सामना करने वाले देशों में से एक बन गया है. देश के बिजली क्षेत्र की दयनीय स्थिति इसकी खस्ताहाल अर्थव्यवस्था का परिणाम है.

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