नयी दिल्ली/बेंगलुरु. दिल्ली की एक अदालत ने संसद की सुरक्षा में सेंध मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों की पुलिस हिरासत की अवधि बृहस्पतिवार को पांच जनवरी तक बढ़ा दी. विशेष न्यायाधीश हरदीप कौर ने दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल एक अर्जी पर आरोपियों मनोरंजन डी, सागर शर्मा, अमोल धनराज शिंदे और नीलम देवी की हिरासत 15 दिन तक बढ़ा दी.
शहर पुलिस ने कहा कि उन्हें साजिश में शामिल सभी लोगों के बारे में पता लगाने की जरूरत है. दिल्ली पुलिस ने यह कहते हुए उनकी हिरासत 15 दिन के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया कि आरोपियों को जांच के लिए विभिन्न स्थानों पर ले जाया जाना है और जांच ”महत्वपूर्ण चरण में” है.
लोक अभियोजक अखंड प्रताप सिंह ने अदालत को बताया कि ”पूरी साजिश का पता लगाने और मामले की तह तक जाने के लिए” आरोपियों से और पूछताछ करने की आवश्यकता है. अभियोजक ने अदालत से कहा, ”हमें साजिश में शामिल व्यक्तियों का पता लगाना होगा… इस मामले की जांच करते समय सभी बिंदुओं पर गौर करना आवश्यक है. हमें अपराध के अंतिम उद्देश्य का पता लगाना होगा.” आरोपियों के वकील ने और हिरासत के अनुरोध संबंधी पुलिस की अर्जी का विरोध किया. वकील ने दलील दी कि अभियोजक द्वारा दी गई दलीलों के आधार पर अधिकतम तीन दिन की हिरासत में पूछताछ पर्याप्त होनी चाहिए.
इस बीच, अदालत ने जांच अधिकारी (आईओ) को मामले में गिरफ्तार एकमात्र महिला आरोपी नीलम की ओर से पेश वकील को प्राथमिकी की एक प्रति सौंपने का निर्देश दिया. न्यायाधीश ने नीलम की अर्जी पर पारित आदेश में कहा, ”संबंधित आईओ (जांच अधिकारी) को कानून के अनुसार आवेदक/अभियुक्त को वर्तमान प्राथमिकी की प्रति सौंपने का निर्देश दिया जाता है.” संसद पर 2001 में हुए आतंकवादी हमले की बरसी के दिन गत 13 दिसंबर को सुरक्षा में चूक की बड़ी घटना उस वक्त सामने आई थी जब लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से सागर शर्मा और मनोरंजन डी सदन के भीतर कूद गए थे और उन्होंने नारेबाजी करते हुए ‘केन’ के जरिये पीले रंग का धुआं फैला दिया था. घटना के तत्काल बाद दोनों को पकड़ लिया गया था.
इस घटना के कुछ देर बाद ही पीले और लाल रंग का धुआं छोड़ने वाली ‘केन’ लेकर संसद भवन के बाहर प्रदर्शन करने वाले दो अन्य लोगों अमोल शिंदे और नीलम देवी को गिरफ्तार कर लिया गया था. इन लोगों ने ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ और कुछ अन्य नारे लगाये थे.
मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों के अलावा ललित झा और महेश कुमावत को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस हिरासत में सभी से पूछताछ की जा रही है.
संसद सुरक्षा में चूक: कर्नाटक में सेवानिवृत्त डीएसपी का बेटा हिरासत में, सैलून मालिक से पूछताछ
दिल्ली पुलिस ने संसद भवन की सुरक्षा में चूक के मामले में एक सेवानिवृत्त डीएसपी के बेटे को कर्नाटक के बागलकोट से हिरासत में लिया, जबकि मैसुरु में एक सैलून मालिक से पूछताछ की गई. आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.
पेशे से इंजीनियर और सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के बेटे साईकृष्ण जगली को बुधवार रात जिला मुख्यालय बागलकोट के विद्यागिरी स्थित उसके घर से पकड़ा गया.
जगली बेंगलुरु में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करता है और मैसूरु निवासी मनोरंजन डी का दोस्त बताया जाता है. मनोरंजन पिछले हफ्ते लोकसभा कक्ष में घुसपैठ करने वाले दो घुसपैठियों में से एक था. सूत्रों ने बताया कि जगली अपने कॉलेज के दिनों में मनोरंजन का ‘रूममेट’ भी था, दोनों छात्रावास में एक ही कमरे में साथ रहते थे. जगली की बहन स्पंदा ने कहा कि दिल्ली पुलिस की एक टीम आई और उसके भाई को अपने साथ ले गई.
स्पंदा ने कहा, ”यह सच है कि दिल्ली पुलिस आई थी. मेरे भाई से पूछताछ की गई. हमने पूछताछ में पूरा सहयोग किया.” स्पंदा ने कहा कि उसके भाई ने ”कुछ भी गलत नहीं” किया है. उसने कहा, ”मनोरंजन और साईकृष्ण जगली दोनों ‘रूममेट’ थे. वर्तमान में मेरा भाई घर से काम करता है.” सूत्रों ने बताया कि मनोरंजन के मैसूर के एक अन्य दोस्त से भी दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को पूछताछ की. उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति से पूछताछ की गई वह मैसूर में एक सैलून चलाता है और उसका मनोरंजन के साथ वित्तीय लेनदेन था.