जयपुर. जस्थान में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने करणपुर सीट से चुनाव लड़ रहे पूर्व मंत्री सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी को शनिवार को मंत्रिपरिषद में शामिल किया. इस सीट पर पांच जनवरी को मतदान होना है. कांग्रेस ने इसके लिए भाजपा की आलोचना की है.
राज्य मंत्रिपरिषद के विस्तार के लिए शपथ ग्रहण समारोह यहां राजभवन में आयोजित हुआ जहां 12 को कैबिनेट, पांच को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व पांच को राज्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई. राज्यपाल कलराज मिश्र ने राजभवन में विधायकों और सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई. टीटी ने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली. टीटी करणपुर सीट से भाजपा के उम्मीदवार हैं.
राज्य में विधानसभा की 200 में से 199 सीटों के लिए 25 नवंबर को मतदान हुआ. इसका परिणाम तीन दिसंबर को घोषित किया गया. करणपुर गंगानगर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी और तत्कालीन विधायक गुरमीत सिंह कुन्नर के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया था. इस सीट पर अब पांच जनवरी को मतदान होगा. वोटों की गिनती आठ जनवरी को होगी.
यहां भाजपा की ओर से पूर्व मंत्री सुरेंद्रपाल उम्मीदवार हैं तो कांग्रेस ने कुन्नर के बेटे रुपिंदर सिंह को प्रत्याशी बनाया है. करणपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 249 मतदान केंद्र हैं. छह दिसंबर तक यहां 2 लाख 40826 मतदाता थे. वहीं कांग्रेस ने टीटी को मंत्री बनाए जाने की आलोचना की है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पार्टी इस मामले को निर्वाचन आयोग के सामने उठाएगी.
डोटासरा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”भाजपा का अहंकार सातवें आसमान पर है. भाजपा ने निर्वाचन आयोग को ठेंगा दिखाकर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए करणपुर से भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्रपाल टीटी को मंत्री पद की शपथ दिलाई है.” उन्होंने लिखा, ”संभवत? देश में यह पहला मामला है जब चुनाव से पूर्व भाजपा ने अपने प्रत्याशी को मंत्री बनाया है, कांग्रेस इस मामले को निर्वाचन आयोग के संज्ञान में लाकर कार्रवाई की मांग करेगी.”
इसके साथ ही उन्होंने कहा, ”भाजपा भले ही मतदाताओं को प्रलोभन दे लेकिन करणपुर की सीट कांग्रेस पार्टी बड़े अंतर से जीतेगी.” कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”करणपुर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्रपाल टीटी को मंत्री पद की शपथ दिलाना, आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता से फोन पर बातचीत कर तत्काल कार्यवाही की मांग की.”
वहीं भाजपा की ओर से पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने अपनी पार्टी के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि टीटी की राज्यमंत्री के रूप में ली गई शपथ संविधान के प्रावधानों के अनुरूप ही है. उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”संविधान के आर्टिकल 164 (4) में निहित प्रावधानों के तहत किसी भी व्यक्ति को बिना निर्वाचित हुए 6 माह तक मंत्री पद धारण करने का अधिकार है. इस संवैधानिक प्रावधान के अनुसार मुख्यमंत्री की सलाह पर महामहिम राज्यपाल द्वारा किसी भी व्यक्ति को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है. उसके बाद 6 महीने के अंदर उसे विधानमंडल का सदस्य निर्वाचित होना जरूरी है.” राठौड़ ने कहा, ”संविधान की तीसरी अनुसूची के अनुसार ली गई शपथ किसी प्रकार की आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है. पूर्ववर्ती सरकार में भी मंत्री पद पर रहते हुए दर्जनों मंत्रियों ने चुनाव लड़ा है.”