नयी दिल्ली/इस्लामाबाद. भारत सरकार ने रविवार को कहा कि अफगानिस्तान में दुर्घटनाग्रस्त हुआ एक छोटा विमान किसी भारतीय विमानन कंपनी का नहीं था और उसने थाईलैंड के एक हवाई अड्डे से मॉस्को के लिए उड़ान भरते वक्त गया स्थित हवाई अड्डे पर ईंधन भरवाया था. भारत के एक विमान के शनिवार रात अफगानिस्तान में दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरों के बीच नागर विमानन मंत्रालय ने रविवार को स्पष्ट किया कि यह विमान मोरक्को में पंजीकृत था.
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ”उपलब्ध सूचना के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त विमान मोरक्को में पंजीकृत डीएफ-10 (दसॉल्ट फाल्कन) एक छोटा विमान है. यह किसी भारतीय एयरलाइन का विमान नहीं है.” इसमें कहा गया है, ”विमान एक एयर एम्बुलेंस था और थाईलैंड से मॉस्को के लिए उड़ान भर रहा था और उसने गया स्थित हवाई अड्डे पर ईंधन भरवाया था.” एक सूत्र ने बताया कि विमान ने थाईलैंड के उतापाओ हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी.
मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”अफगानिस्तान में हुई दुखद विमान दुर्घटना का संबंध भारत के किसी अनुसूचित विमान या गैर अनुसूचित/विशेष विमान से नहीं है. यह मोरक्को में पंजीकृत एक छोटा विमान था.” समाचार एजेंसी ‘एसोसिएटेड प्रेस’ ने प्राधिकारियों के हवाले से बताया कि रूस के छह लोगों को ले जा रहे एक निजी विमान के अफगानिस्तान के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना है.
प्राधिकारियों ने रविवार को बताया कि विमान भारत के गया शहर से उज्बेकिस्तान के ताशकंद होते हुए मॉस्को में झुकोव्स्की अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए विशेष एम्बुलेंस विमान के तौर पर रवाना हुआ था. क्षेत्रीय प्रवक्ता जबीउल्लाह अमीरी ने बताया कि यह दुर्घटना बदख्शां प्रांत के जेबाक जिले के समीप एक पर्वतीय क्षेत्र में हुई. इलाके में एक बचाव दल को भेजा गया. बदख्शां पुलिस प्रमुख के कार्यालय ने भी एक बयान में दुर्घटना की खबर की पुष्टि की है.
मॉस्को में रूस के नागरिक विमानन प्राधिकारियों ने कहा कि दसॉल्ट फाल्कन 10 चालक दल के चार सदस्यों और दो यात्रियों के साथ लापता हो गया था. उन्होंने बताया कि विमान का रडार से संपर्क टूट गया था. खबर में रूसी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि यह विमान एथलेटिक ग्रुप एलएलसी से संबंधित है.
इससे पहले, अफगानिस्तान के टेलीविजन नेटवर्क ‘टोलो न्यूज’ ने ‘एक्स’ में दावा किया कि बदख्शां प्रांत के जिबाक और खुरान-मुंजान जिलों से सटे तोपखाना पर्वतीय क्षेत्र में एक भारतीय यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है. टोलो न्यूज ने बदख्शां के सूचना एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख जबीउल्लाह अमीरी के हवाले से यह भी कहा कि घटना की जांच के लिए इलाके में एक दल को भेजा गया है.
रूस का निजी विमान अफगानिस्तान में दुर्घटनाग्रस्त हुआ : अधिकारी
रूस का एक निजी विमान अफगानिस्तान के दूरदराज के एक ग्रामीण इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि विमान में छह लोग सवार थे. विमान एक एंबुलेंस उड़ान के तौर पर भारत के गया से ताशकंद के रास्ते मॉस्को तक परिचालित किया जा रहा था.
क्षेत्रीय प्रवक्ता जबीउल्ला अमीरी ने बताया कि दुर्घटना शनिवार को बदख्शां प्रांत के जेबक जिले के पास एक पर्वतीय इलाके में हुई. उन्होंने बताया कि एक बचाव दल दुर्घटना स्थल के लिए रवाना किया गया है. जेबक अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से करीब 250 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है. यह एक ग्रामीण और पर्वतीय इलाका है. बदख्शां पुलिस प्रमुख के कार्यालय ने भी एक बयान में दुर्घटना की पुष्टि की है.
मास्को में, रूसी नागरिक उड्डयन अधिकारियों ने कहा कि एक दसॉल्ट फाल्कन 10 लापता हो गया. अधिकारियों ने बताया कि विमान में चालक दल के चार सदस्य और दो यात्री सवार थे. उन्होंने बताया कि रूस के पंजीकरण वाले विमान से संपर्क टूट गया और यह रडार के स्क्रीन से ओझल हो गया. रूसी अधिकारियों ने कहा कि विमान एथलेटिक ग्रुप एलएलसी और एक निजी व्यक्ति से संबद्ध है.
बाद में, रूस की जांच समिति ने कहा कि इसने वायु सुरक्षा नियमों के संभावित उल्लंघन या लापरवाही के आरोपों की एक आपराधिक जांच शुरू की है.
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान में रूसी दूतावास घटना को लेकर स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है. वहीं, तालिबान के सूचना एवं संस्कृति मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल वाहिद रेयान की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, विमान मोरक्को की एक कंपनी का था. भारतीय नागर विमानन अधिकारियों ने भी बताया कि विमान मोरक्को में पंजीकृत था.
रेयान ने दुर्घटना के लिए इंजन के काम करना बंद कर देने को जिम्मेदार ठहराया. इससे पहले, अफगानिस्तान में 2020 में भीषण विमान दुर्घटना हुई थी. इस दौरान अमेरिकी वायुसेना का बम्बार्डियर ई-11ए गजनी प्रांत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस हादसे में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी.