ओडिशा में बाढ़ से हालात बिगड़े, सीएम मोहन चरण माझी ने हवाई सर्वेक्षण कर लिया जायजा, पर्यटक स्थल देवकुंड अस्थायी रूप से बंद

Author: Navabharat News Group
UPDATED: Sun, 27 Sep 2026 05:07 PM
ओडिशा में बाढ़ से हालात बिगड़े, सीएम मोहन चरण माझी ने हवाई सर्वेक्षण कर लिया जायजा, पर्यटक स्थल देवकुंड अस्थायी रूप से बंद

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ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भारी बारिश से कोरापुट और अन्य ज़िलों में हुए नुकसान का जायज़ा लेने के लिए हवाई सर्वेक्षण किया। अब 22 गेट के जरिए पानी छोड़ा जा रहा है।

जलाशय का मौजूदा जलस्तर 628.29 फुट है जबकि जलाशय का अधिकतम स्तर 630 फुट तक है। राज्य सरकार ने शनिवार तक निचले इलाकों से 70,000 से अधिक लोगों को निकालकर 395 राहत शिविरों में पहुंचाया था। माझी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और राज्य के विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल के साथ स्थिति की समीक्षा करने का फैसला किया। हालांकि हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी के कारण उनका हवाई सर्वेक्षण करीब दो घंटे देर से शुरू हुआ।

मुख्यमंत्री दक्षिणी ओडिशा के गंजाम, कोरापुट और नबरंगपुर के प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद कोरापुट जिले के जयपुर पहुंचेंगे और वहां समीक्षा बैठक करेंगे। दोपहर में वह नबरंगपुर के बारिश प्रभावित इलाकों का भी दौरा करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव के कारण बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, कालाहांडी, कोरापुट, नबरंगपुर, मलकानगिरी, क्योंझर, नयागढ़, कंधमाल, बलांगीर और जगतसिंहपुर में भारी बारिश और बाढ़ आई है। बालासोर सबसे अधिक प्रभावित जिलों में है, जहां तीन प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर सुबह छह बजे जलेश्वर के राजघाट में 11.68 मीटर था, जबकि खतरे का निशान 10.36 मीटर है। इससे भोगराई, जलेश्वर, बालीपाल और बस्ता प्रखंडों के गांवों में बाढ़ आ गई। मयूरभंज में सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों ने कई जलधाराओं और नालों में पानी बढ़ने के कारण पर्यटक स्थल देवकुंड को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

By Navabharat News Group