दीर अल बलाह/यरूशलम/रामल्ला. इजराइली युद्धक विमानों ने रविवार तड़के गाजा पट्टी में एक शरणार्थी शिविर पर हमला किया, जिसमें कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अमेरिका ने आम नागरिकों को राहत देने के लिए इजराइल से कुछ वक्त के लिए हमले रोकने की अपील की थी, लेकिन इजराइल का कहना है कि वह गाजा में हमास शासकों को कुचलने के लिए अपने हमले जारी रखेगा.
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन, फ्रांस की राजधानी पेरिस, जर्मनी की राजधानी र्बिलन और अन्य यूरोपीय शहरों में फलस्तीन समर्थक हजारों लोगों ने गाजा में इजराइली बमबारी रोकने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. ये प्रदर्शन इजराइल-हमास युद्ध में हताहत हुए लोगों की बढ़ती संख्या और गहराते मानवीय संकट को लेकर यूरोप के खासकर उन देशों में बढ़ रहे असंतोष को दर्शाते हैं, जहां मुस्लिम आबादी अधिक है.
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने क्षेत्र के अपने हालिया यात्रा के दौरान मानवीय मदद पहुंचाने के लिए कुछ देर हमले रोकने का प्रस्ताव रखा था, जिसे इजराइल ने अस्वीकार कर दिया है. इजराइल के रक्षा मंत्री याओव गैलेंट ने कहा, ”गाजा सिटी में रह रहा हर व्यक्ति अपनी जान को खतरे में डाल रहा है.” गाजा में हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजराइल-हमास युद्ध में मारे गए फलस्तीनियों की संख्या बढ़कर 9,448 हो गई है.
इजराइल में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हुई है. इनमें से अधिकतर लोगों की मौत सात अक्टूबर को हमास के शुरुआती हमले में हुई. इसी हमले के बाद से यह युद्ध शुरू हुआ है. स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल-किद्रा ने कहा कि रविवार तड़के मध्य गाजा के मघाजी शरणार्थी शिविर पर हुए हवाई हमले में कम से कम 40 लोग मारे गए और 34 लोग घायल हो गए.
रिहाइशी इलाके में बनाया गया यह शिविर उस निकासी क्षेत्र में स्थित है, जहां इजराइल की सेना ने गाजा में फलस्तीनी नागरिकों से शरण लेने का आग्रह किया था, क्योंकि वह उत्तरी क्षेत्रों में अपने सैन्य आक्रमण पर ध्यान केंद्रित कर रही है. इस प्रकार की अपील के बावजूद, हमास के लड़ाकों और उनकी संपत्तियों को नष्ट करने के लक्ष्य से इजराइल ने पूरे गाजा में अपनी बमबारी जारी रखी है. इजराइल ने हमास पर आम नागरिकों का मानवीय ढाल के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है.
फलस्तीनी ‘रेड क्रिसेंट’ बचाव सेवा ने कहा कि रविवार को एक अन्य हमले में गाजा शहर में अल-कुद्स अस्पताल के पास एक इमारत ध्वस्त हो गई. उसने एक वीडियो साझा किया, जिसमें चिकित्साकर्मी एक घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाते नजर आ रहे हैं और एक महिला एवं बच्चे उसके पीछे दौड़ रहे हैं.
इजराइल-हमास युद्ध में हजारों फलस्तीनी नागरिकों की मौत की निंदा कर रहे अरब नेताओं ने शनिवार को तत्काल संघर्षविराम पर जोर दिया, जबकि अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने आगाह किया कि ऐसा कदम प्रतिकूल होगा तथा इससे आतंकवादी समूह को और हिंसा करने का बढ़ावा मिलेगा.
इजराइली मंत्री ने गाजा पर ‘परमाणु बम’ गिराने को विकल्प कहा, नेतन्याहू ने किया निलंबित
इजराइल सरकार में दक्षिणपंथी ओत्जामा यहूडिट पार्टी से एक मंत्री ने रविवार का कहा कि हमास शासित गाजापट्टी पर परमाणु बम गिराना ”एक विकल्प” है. उनके इस बयान के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने उन्हें अनिश्चितकाल के लिए सरकारी बैठकों से निलंबित कर दिया.
एक रेडियो साक्षात्कार में यरूशलम विषयक एवं विरासत मंत्री अमिचाई इलियाहू ने कहा कि ”गाजा में ऐसा कोई नहीं है जो लड़ाई में शामिल नहीं है”, ऐसे में पट्टी को मानवीय सहायता प्रदान करना ‘एक विफलता’ होगी. जब उनसे कहा गया कि जब उनकी दृष्टि से गाजा में सभी लड़ाके हैं तो क्या गाजा पट्टी पर परमाणु हमला ”एक विकल्प” है तो उन्होंने कहा, ह्लयह एक तरीका है.ह्व उनकी इस टिप्पणी पर सत्तारूढ. गठबंधन और विपक्ष, दोनों ही नाराज हो गये हैं एवं विपक्ष ने उन्हें सरकार से बाहर करने की मांग की.
इस नाराजगी के बाद इलियाहू अपने बयान से पीछे हट गये और उन्होंने इसे ‘अतिश्योक्तिपूर्ण’ टिप्पणी बताया. उन्होंने कहा, ” यह सभी समझदार लोगों के लिए स्पष्ट है कि परमाणु (बम) के बारे में यह टिप्पणी महज एक अतिश्योक्ति है. हमें वाकई आतंक के प्रति जबर्दस्त जवाबी कार्रवाई दिखाने की जरूरत है जिससे नाजियों एवं उनके समर्थकों को स्पष्ट हो जाए कि आतंकवाद महत्वहीन है….”
उन्होंने तनाव को दूर करने के प्रयास में कहा, ” साथ ही, यह स्पष्ट है कि इजराइल बंधकों को जिंदा एवं सेहतमंद स्थिति में वापस लाने के दायित्व से बंधा है. ” इस बीच, प्रधानमंत्री ने इलियाहू को अनिश्चितकाल के लिए सरकारी बैठकों से निलंबित कर दिया है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी.
उसने कहा कि इलियाहू युद्ध संबंधी निर्णय लेने वाली मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति का हिस्सा नहीं हैं. नेतान्यहू ने इस टिप्पणी को ‘सच से परे’ बताया. प्रधानमंत्री ने कहा, ” इजराइल और आईडीएफ (इजराइल डिफेंस फोर्सेज) यह सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के उच्च मापदंडों के अनुसार कार्रवाई कर रहे हैं कि बेगुनाह लोगों को कोई नुकसान न हो. हम जीत सुनिश्चित करने तक ऐसा करते रहेंगे.”
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने वेस्ट बैंक में फलस्तीनी नेता से की मुलाकात
इजराइल-हमास युद्ध पर अपनी पश्चिम एशिया कूटनीति के तहत अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने रविवार को कब्जे वाले वेस्ट बैंक का दौरा किया, और फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाकात की. ब्लिंकन की इस यात्रा का उद्देश्य गाजा पट्टी में नागरिकों के कष्ट को कम करना और संघर्ष बाद के परिदृश्य में क्षेत्र के लिए खाका तैयार करने की शुरूआत करना है.
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि बिना किसी पूर्व घोषणा के ब्लिंकन ने कड़ी सुरक्षा के बीच बख्तरबंद वाहनों से रामल्ला की यात्रा की. उनके मुताबिक, उससे महज कुछ ही घंटे पहले इजराइली लड़ाकू विमानों ने गाजा पट्टी में एक शरणार्थी शिविर पर हमला किया था, जिसमें कम से कम 40 लोग मारे गए तथा दर्जनों अन्य घायल हुए हैं.
अमेरिकी विदेश विभाग ने गोपनीयता बनाये रखी और तबतक इस यात्रा की पुष्टि नहीं की, जबतक ब्लिंकन वेस्ट बैंक से निकल न गए. वहीं, स्थानीय लोगों ने उनकी इस यात्रा तथा इजराइल के प्रति अमेरिका के समर्थन के विरोध में प्रदर्शन किया. कैमरे के सामने दोनों (ब्लिंकन और अब्बास) ने एक दूसरे का अभिवादन किया लेकिन बैठक किसी सार्वजनिक टिप्पणी के बगैर संपन्न हो गई. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कोई बयान का जारी नहीं होने का तात्पर्य यह तो नहीं है कि बैठक ठीक-ठाक नहीं रही.
अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि ब्लिंकन ने गाजा में जीवन रक्षक मानवीय सहायता की आपूर्ति और जरूरी सेवाएं बहाल करने के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता दोहरायी तथा स्पष्ट किया कि फलस्तीनियों को जबरन विस्थापित नहीं किया जाना चाहिए.
मिलर ने कहा कि ब्लिंकन और अब्बास ने वेस्ट बैंक में शांति और स्थायित्व बहाल करने के प्रयासों पर चर्चा की जिनमें फलस्तीनियों के विरूद्ध चरमपंथी हिंसा रोकना तथा ऐसा करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना शामिल है. उनका इशारा इजराइल द्वारा बसाये गये लोगों द्वारा की जाने वाली हिंसा की ओर था. अब्बास के साथ यह बैठक ब्लिंकन की पश्चिम एशिया की यात्रा के तीसरे दिन हुई है. हमास द्वारा सात अक्टूबर को इजराइली शहरों पर अकस्मात हमला किये जाने के बाद लड़ाई शुरू होने के उपरांत ब्लिंकन की पश्चिम एशिया की यह दूसरी यात्रा है.