केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में मध्यप्रदेश के डेयरी सेक्टर को कई सौगातें दीं। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। साथ ही दुग्ध संघों के सदस्यों और गौशालाओं को आर्थिक सहायता भी वितरित की। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनका स्वागत किया। शाह यहां राज्य स्तरीय नवीन न्याय संहिताओं की प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद गोपालक सम्मेलन में शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद हैं।
उज्जैन में 255 करोड़ के डेयरी प्लांट का भूमिपूजन
अमित शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले डेयरी प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया। इस प्लांट में रोजाना 3 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण किया जा सकेगा। इसके अलावा भोपाल में 16.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया गया। भोपाल में ही 12.42 करोड़ रुपये की लागत से बनी राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का भी उद्घाटन हुआ। शिवपुरी में 6.5 करोड़ रुपये की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का भी लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं से प्रदेश में दूध के प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ाने और डेयरी क्षेत्र का बुनियादी ढांचा मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी तैयार होने की उम्मीद है।
दुग्ध संघों के सदस्यों को बोनस, गौशालाओं को सहायता
सम्मेलन में अमित शाह ने भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े सदस्यों को सिंगल क्लिक के जरिए बोनस राशि का वितरण किया। दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को कुल 15.10 करोड़ रुपये का लाभांश दिया गया। इसके साथ ही प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं को भी सहायता राशि वितरित की गई। कार्यक्रम में पांच गोपालक दीदियों को सम्मानित किया गया। सम्मेलन में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान ‘मध्यप्रदेश में दुग्ध क्रांति का सूत्रपात’ और कृषि वर्ष पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया।
3,214 गोशालाओं में करीब 5 लाख गोवंश का संरक्षण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब, महिला, किसान और युवा चार वर्गों के उत्थान का आह्वान किया है। मध्यप्रदेश सरकार भी इन्हीं वर्गों को केंद्र में रखकर संबंधित विभागों को जोड़ते हुए काम कर रही है। किसान कल्याण के तहत इस वर्ष ‘बलराम कृषि महोत्सव’ के माध्यम से प्रदेश के सभी 55 जिलों में उन्नत खेती और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़कर 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है। खेती और पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। प्रदेश में गाय और भैंस सहित करीब 6 करोड़ पशुधन है। किसानों और पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि के लिए उन्नत नस्ल के पशुधन को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार भी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब 2 लाख गोपालक दीदियां डेयरी सहकारिता और पशुपालन से जुड़कर अपनी और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर कर रही हैं। प्रदेश की 3,214 गोशालाओं में करीब 5 लाख गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य के सभी 313 विकासखंडों में वृंदावन ग्राम विकसित करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है।
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