बड़ी खबर : नागालैंड-मणिपुर ‘अशांत क्षेत्र घोषित, छह महीने लागू रहेगा अफस्पा कानून, संदिग्ध हमले में 4 नागरिकों की मौत

Author: Navabharat News Group
UPDATED: Fri, 25 Sep 2026 08:02 PM
बड़ी खबर : नागालैंड-मणिपुर ‘अशांत क्षेत्र घोषित, छह महीने लागू रहेगा अफस्पा कानून, संदिग्ध हमले में 4 नागरिकों की मौत

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केंन्द्र सरकार के गृह मंत्रालय ने आज एक आदेश जारी करते हुए नागालैंड और मणिपुर को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया गया है. ये दोनों राज्य अब छह महीने के लिए AFSPA कानून के दायरे में होंगे. 13 पुलिस थानों के क्षेत्र इसके दायरे से बाहर रहेंगे.

नागालैंड में AFSPA की धारा 3 के तहत नौ जिलों और पांच अन्य जिलों के 21 पुलिस स्टेशनों के अंतर्गत आने वाले खास इलाकों को अशांत क्षेत्र घोषित किया गया है.

गृह मंत्रालय (MHA) ने नागालैंड और मणिपुर में आर्म्ड फोर्सेज (स्पेशल पावर्स) एक्ट, 1958 (AFSPA) के तहत ‘अशांत क्षेत्र’ (disturbed area) का दर्जा 1 अक्टूबर, 2026 से छह महीने के लिए बढ़ा दिया है, जब तक कि इसे पहले वापस न ले लिया जाए.

संदिग्ध हमला, 4 नागरिकों की मौत

मणिपुर के कामजोंग जिले में भारत-म्यांमार सीमा से लगे पिलोंग गांव में संदिग्ध सशस्त्र हमले में चार तांगखुल नगा नागरिकों की मौत हो गई। मृतकों में एक पिता-पुत्र भी शामिल हैं। घटना के बाद तांगखुल नगा लॉन्ग ने 24 घंटे के आपात बंद का आह्वान किया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भारत-म्यांमार सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की मांग की है।

पुलिस के अनुसार, गुरुवार को अज्ञात हथियारबंद लोगों ने सीमा से लगे दूरदराज के गांव में पहुंचकर नागरिकों पर गोलीबारी की। हमलावरों के म्यांमार की ओर से आने का संदेह है। घटना के बाद चासाद थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने स्थानीय सुरक्षा कर्मियों और असम राइफल्स के साथ इलाके में अभियान चलाया।

मृतकों की पहचान फामी जाजो (43), निंगथेम काशक (35), बेटर्सन जाजो (50) और वरेशिम जाजो (67) के रूप में हुई है। फामी और वरेशिम पिता-पुत्र थे। हमले के दौरान मौजूद उखरुल निवासी अखान कपिंग के भी बच निकलने की जानकारी है। चारों शवों को कामजोंग जिला मुख्यालय लाकर पोस्टमार्टम कराया गया।

पुलिस ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए चासाद थाने में मामला दर्ज किया है। हमलावरों की पहचान और हमले के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। TNL ने आरोप लगाया है कि हमले में कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (केएनए-बी) और अन्य सशस्त्र समूहों के कैडर शामिल थे। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

टीएनएल का 24 घंटे बंद
हत्याओं के विरोध में टीएनएल ने अपने अधिकार क्षेत्र में 25 सितंबर सुबह 7 बजे से 26 सितंबर सुबह 7 बजे तक 24 घंटे के आपात पूर्ण बंद का आह्वान किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने चार नागरिकों की हत्या की निंदा करते हुए भारत-म्यांमार सीमा पर पेशेवर, सतर्क और मजबूत सीमा सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। बीरेन ने कहा कि म्यांमार में सेना और सशस्त्र प्रतिरोध समूहों के बीच जारी संघर्ष को देखते हुए केंद्र को भारत-म्यांमार सीमा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।

 

By Navabharat News Group